February 14, 2026

वन वाटर समिट: जल संसाधनों के लिए एक वैश्विक प्रयास

कलात्मक चित्रण की प्रदर्शनी जिसमें विविध रंगों और शैलियों का मिश्रण है।

वन वॉटर समिट, जो 3 दिसंबर 2024 को रियाद, सऊदी अरब में आयोजित हुआ, एक उच्चस्तरीय आयोजन है जिसका उद्देश्य जल से संबंधित वैश्विक चुनौतियों का सामना करना है। फ्रांस, कज़ाखस्तान, सऊदी अरब और वर्ल्ड बैंक द्वारा सह-आयोजित इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेता, नीति निर्धारक और विशेषज्ञ मिलकर जल के सतत प्रबंधन और नवाचारी समाधानों पर विचार-विमर्श करते हैं। इसके मुख्य उद्देश्य में सतत प्रबंधन की प्रथाओं को उजागर करना, सीमा-पार सहयोग को मजबूत करना, और जल के प्रबंधन के लिए समावेशी प्रथाओं को प्रोत्साहित करना शामिल है।

प्रसंग एवं मुख्य विषय

वन वॉटर समिट “वन प्लेनेट समिट” पहल का हिस्सा है और 2023 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP 28) के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और कज़ाख राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायेव द्वारा घोषित किया गया था। यह शिखर सम्मेलन कई प्रमुख विषयों पर चर्चा करता है, जिनमें जल के ऊपर सीमा-पार सहयोग, जल प्रणालियों की जलवायु लचीलापन का सुदृढ़ीकरण, और सतत जल प्रबंधन के लिए समावेशी प्रथाओं का प्रचार शामिल है। इसका उद्देश्य जल क्षेत्र में वैश्विक वित्त पोषण अंतर को पाटना और कंपनियों को जल के लिए कार्बन न्यूट्रल एजेंडा अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।

वैश्विक सहयोग और नवाचारी समाधान

समिट में विचारमंथन सत्र, गोलमेज चर्चाएँ और नवाचारी प्रस्तुतियाँ शामिल हैं जो वैश्विक जल संकट के ठोस समाधान प्रस्तुत करने के लिए आयोजित की जाती हैं। यह सभी क्षेत्रों के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित करेगा, जिसमें सरकारें, व्यवसाय, बैंक, वैज्ञानिक और नागरिक समाज शामिल हैं। कार्यक्रम में तकनीकी समाधान को खोजने, साझा करने और उनके वित्तपोषण की आवश्यकता को दर्शाया जाएगा और ताजे जल के पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा को अत्यधिक प्रोत्साहित किया जाएगा।

नागरिक समाज और युवाओं की भूमिका

इस शिखर सम्मेलन में जल क्षेत्र को सुधारने के लिए नागरिक समाज और युवाओं की भूमिका पर भी बल दिया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को समाधान की स्रोत के रूप में पहचानना और जल प्रशासन और कूटनीति में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है। इसमें समावेशी प्रथाओं को प्रोत्साहित करना और यह सुनिश्चित करना शामिल है कि सभी संबद्ध भागीदारों की आवाज वास्तव में निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुनी जाए।

अंतत: वन वॉटर समिट जल संकट का समाधान पाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो सतत प्रबंधन की प्रथाओं, सीमा-पार सहयोग और नवाचारी समाधानों पर निर्भर करता है। यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सभी क्षेत्रों की भागीदारी की जरूरत को रेखांकित करता है ताकि जल का न्यायपूर्ण और सतत प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। जबकि विश्व जल संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहा है, वन वॉटर समिट जैसी पहलें वैश्विक जल संसाधनों के लिए एक सतत भविष्य सुनिश्चित करने में आवश्यता रखती हैं।

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