संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के संघीय भवनों में ऊर्जा और पानी की खपत को कम करने के लिए सीमेंस की पहल एक महत्वपूर्ण कदम है जो स्थिरता और ऊर्जा दक्षता की दिशा में आगे बढ़ा है। इस पहल का उद्देश्य पिछले तीन वर्षों के औसत की तुलना में 27% की कमी लाना है, और यह 2024 में अमीरात सरकार की वार्षिक बैठकों के दौरान शुरू की गई थी।
पहल का परिप्रेक्ष्य और उद्देश्य
ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर मंत्रालय (MoEI) और सीमेंस के बीच समझौता महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, अमीरात के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री, और महामहिम शेख मंसूर बिन ज़ायेद अल नहयान, उपराष्ट्रपति, उपप्रधानमंत्री और राष्ट्रपति प्राधिकरण के प्रमुख की उपस्थिति में साइन किया गया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संघीय भवनों की ऊर्जा और पानी की खपत को कम करना है, विशेषकर उन भवनों का पुनर्नवीनीकरण करना जो अधिक खपत करते हैं।
शामिल तंत्र और प्रौद्योगिकियाँ
सीमेंस को ऊर्जा और पानी की खपत को कम करने के लिए डिज़ाइन किए गए सभी सिस्टमों के वित्तपोषण, स्थापना, परीक्षण और संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। ये सिस्टम पिछले तीन वर्षों की औसत खपत की तुलना में 27% की कमी हासिल करने की दिशा में हैं। यह पहल महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान, यूएई के राष्ट्रपति, और महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम, अमीरात के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक के निर्देशों के अनुरूप है।
प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
यह पहल यूएई की स्थिरता और ऊर्जा दक्षता के प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान देती है। MoEI और सीमेंस के बीच सार्वजनिक-निजी भागीदारी ने सहयोग की महत्ता को दर्शाया है ताकि कार्बनमुक्ति और ऊर्जा दक्षता के सामान्य लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। इसके अलावा, यह परियोजना प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के देश के लक्ष्यों का समर्थन करती है।
निष्कर्षतः, यूएई के संघीय भवनों में ऊर्जा और पानी की खपत को कम करने के लिए सीमेंस की पहल देश की आर्थिक वृद्धि और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह पहल भविष्य की परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करती है, जो भवन क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता और स्थिरता को सुधारने के उद्देश्य से हैं।








